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Jun 5, 2019
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खजुराहो मंदिर

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खजुराहो

खजुराहो समूह के मंदिरो का निर्माण चंदेल राजवंश के समय हुआ था, कहा जाता है की उस समय चंदेल राजवंश अपने पैर जमा रहे थे, जिसके बाद विश्व में बुन्देल खंड के नाम से विख्यात हुआ,कहा जाता है की अधिकतर मंदिरो का निर्माण भारत के राजाओ यशोवर्मन और धंग शाशन काल में करवाए गए थे यशोवर्मन, चंदेल राजवंश का हिन्दू शासक था, इनकी विरासत का उत्कृष्ट नमूना लक्ष्मण मंदिर है, और धंग विश्वनाथ मंदिर के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन वर्तमान के समय में कंदरिया महादेव मंदिर विश्व में लोकप्रिय है, और इसका निर्माण भी चंदेल राजवंश के शासनकाल में हुआ था, जिसका कार्यभार विधाधर की देखरेख में हुआ था, इन मंदिरो का निर्माण 970 से 1030 पूर्व ईस्वी में हुआ था, इन मंदिरो का निर्माण चंदेल वंशो ने अपनीओ राजधानी में करवाया था, कालिंजर चन्देलों की राजधानी का नाम था, प्राचीन समय में इस राज्य को जेजाहोती और जेजवाककति के नाम से जाना जाता था,

इतिहासकारो का कहना है की पारसी समूह के अल बेरूनी 1022 ईसापूर्व मुहम्मद ग़ज़नवी ने चन्देलों की राजधानी कालिंजर पर आक्रमण किया था लेकिन ये हमला सफल नहीं होसका क्योकि उस समय के साशन काल में हिन्दुओ ने मुहम्मद ग़ज़नवी के पास पहुंचकर फिरौती देकर समझौता किया था

12वी शताब्दी में खजुराहो मंदिर को तैयार करके और 13वी शताब्दी में दिल्ली सल्तनत के मुस्लिम सुल्तान कुतुबुद्दीन ऐबक ने चन्देलों पर आक्रमण करके बदला लिया था, खजुराहो मंदिर को 13वी शदी में कजरा भी कहा जाता था, उस समय के दौरान मुस्लिमो ने खजुराहो मंदिर की शोभा में जो मुर्तिया है उनको भी नष्ट करदिया था,

खजुराहो में मंदिरो की कुल संख्या 85 है जिन्हे पूरा करने के लिए चंदेल राजवंश ने 950 से 1050 ईस्वी का सारा कार्यभार सम्हाला था और खजुराहो मंदिर 20 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और वर्तमान काल में अब सिर्फ 25 मंदिर ही बचे है, जो सिर्फ 3 वर्ग किलोमीटर में फैले है

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