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May 8, 2019
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बंजार घाटी की प्रकृति प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग की तरह है ,ये जगह वीकेंड में कर सकते है एक्स्प्लोर , ट्रैकिंग शौकीनों के लिए ये जगह जन्नत की तरह है

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बंजार घाटी की प्रकृति प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग की तरह है ,ये जगह वीकेंड में कर सकते है एक्स्प्लोर , ट्रैकिंग शौकीनों के लिए ये जगह जन्नत की तरह है

बंजार घाटी , यही बसा है एक छोटा सा गांव ” जीभी ” जो की पर्यटकों को यात्रियों को बहुत आकर्षति करता है आज से कुछ साल पहले यही कुछ साल 2002 में हमेशा गुलजार रहने वाले हिमांचल से के छोटे से टाउन बंजार से जंगल और खेतो के बीच बसे जीभी गांव तक जाना और वहां बसना असंभव था या कुछ ऐसे कहे की किसी सजा से कम नहीं था उस समय बीएस कुछ तीन – चार घर रहे होंगे , पर आज पर्यटन ने यहाँ के लोगो के चेहरे पर एक अलग हे रौनक ला दी है | गौरतलब है की यहाँ अब ऐसे कुछ गांव और दर्शनीय स्थल है, जो धीरे – धीरे पर्यटकों की पसंद बनते जा रखे है

घने वृक्षों में ऋषियों की घाटी
कुल्लू घाटी के 18 ऋषियों में से शृंग ऋषि का बंजार घाटी से ताल्लुक माना जाता है | यहाँ पर घने वृक्षों के बीच एक रास्ता जाता है जहा हम पैदल जा सकते है ये रास्ता ऋषि के मंदिर तक ले जाता है , जो दुर्गम स्थान पर स्थित है वहां के लोगो का ऐसा मानना है की दशरथ ने इसी पावन धरती पर शृंग ऋषि के कहने पर संतान प्राप्ति के लिए यज्ञ किया था | कहा जाता है की यहाँ के शांत वातावरण के कारन ही कुल्लू के अन्य ऋषि भी यहाँ तप साधना के लिए आते है और शृंग ऋषि को अपना रक्षक मानते है शृंग ऋषि के मंदिर में बने लकड़ी के कपाल की पूजा आज भी यहाँ के स्थानीय लोह पूरी श्रद्धा से करते है यह मंदिर भले पर्यटकों के लिए न खोला गया हो , लेकिन मंदिर के चारो और का वातावरण यहाँ के लोगो को और यहाँ आने वाले पर्यटकों को खींच ही लाता है |

ओल्ड ब्रिटिश रुट अब ट्रैकिंग रुट बन गया है
ओल्ड ब्रिटिश रुट केवल मिटटी और पत्थर से बना हुआ था | और आज यही ओल्ड ब्रिटिश रुट जो औत से शिमला तक फैला हुआ है, जो शानदार ट्रैकिंग और बाइकिंग रुट बन चुका है | अंग्रेजो के बनाये कुछ आलीशान गेस्टहॉउस हर १६ किलोमीटर में खँडहर के रूप में स्थित है

नेशनल पार्क का ऐश्वर्य (ग्रेट हिमालयन ) प्राकृतिक धरोहर
यूनेस्को वर्ल्ड हरितगे साइड की पदवी हासिल करने वाला यह ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क हैरी पॉटर की कहानियो सा कोई रहस्यमई जंगल सा प्रतीत होता है ये प्राकृतिक धरोहर में भी आता है पक्षी – प्रेमियों के लिए यह नेशनल पार्क किसी स्वर्गलोक से काम नहीं है आप ट्रैकिंग के माध्यम से भी इस उद्यान का आनंद ले सकते है यहाँ पहाड़ी पक्षियों की लगभग 181 प्रजातियां पाई जाती है| यहाँ आसमान को चूमते हुए घने देवदार वृक्ष, हिमाचली पंछियो के मनमोहक सुर , पत्तो से छान कर जमीन पर गिरती कोमल धूप और महकते हुए रंगीन जंगली फूल इस जांगले में खुशनुमा वातावरण का सृजन करते है

ट्रैकिंग का रोमांच
अगर आप ट्रैकिंग के शौक़ीन है तो साई रोपा नामक गांव से आपको इस नेशनल पार्क में ट्रैकिंग करने और यहाँ के इको जोन मैं स्थित गावो में रहने के लिए अनुमति मिल जाएगी रअंगथर टॉप, रोला जल प्रपात और शिल्ट हट ट्रेक इस पार्क के कुछ उम्दा ट्रेक्स है बंजर टाउन से गुशैनी, सैंज तथा परखी जैसे गावो से आपको ट्रकिंग के लिए गाइड भी मिल जाएगी |

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