वाइल्डलाइफ लवर के लिए सबसे बेहतरीन जगह है 'दुधवा ' , वाइल्डलाइफ से प्यार करने वाले जरूर घूमने जाये दुधवा नेशनल पार्क

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  • June 26, 2019
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दुनिया की खूबसूरत चिड़ियों ने इस वक्त दुधवा के जंगलों में बसेरा बना रखा है। तो अगर आप भी हर तरफ हरियाली और वन्‍यजीवों की मस्तियां देखने के शौकीन हैं यानी कि आप वाइल्‍डलाइफ लवर हैं, तो इस वीकेंड दुधवा की ट्रिप प्‍लान कर सकते हैं। आजकल यहां यूरेशियन मरून ओरियोल, यूरेशियन गॉशहॉक और रेड हेडेड वल्चर्स जैसे खूबसूरत पक्षियों का जमावड़ा है। यही नहीं कई दशकों बाद हिमालयन रेंज की येलो क्रेस्टेड बुलबुल भी दिखाई दी है।
बता दें कि दुधवा नैशनल पॉर्क ने हाल ही में पहली बार गर्मियों में पक्षियों की गणना पूरी की है। इसके मुताबिक दुधवा के जंगलों में पक्षियों की 450 प्रजातियां हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एक ओर बढ़ती गर्मी के कारण पक्षियों का कम होना चिंता की बात है वहीं, दुधवा जंगलों में इनका मिलना सकारात्मक संकेत हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व के प्रॉजेक्ट डायरेक्टर रमेश पांडेय के मुताबिक, गर्मियों में यहां आने वाले पक्षियों की गणना पहले नहीं हुई थी। दुधवा प्रशासन ने कतर्नियाघाट फांडेशन, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और रुहेलखंड नेचर क्लब के अलावा दिल्ली विवि के विशेषज्ञों को गणना के लिए बुलाया था।

हाल ही में दुधवा में तीतर की प्रजाति स्वैंप फ्रैंकोलिन भी नजर आई है। रमेश पांडेय बताते हैं, स्वैंप फ्रैंकोलिन की ब्रीडिंग घास के बड़े बड़े मैदानों में ही होती है। ऐसे में जरूरी है कि जंगलों में ग्रासलैंड का प्रबंधन अच्छा हो। हमारी कोशिश है कि इसको और बेहतर किया जाए ताकि पक्षियों को उनके मुताबिक ठिकाना मिल सके।

म्यांमार, कंबोडिया, भूटान से आए हैं प‍क्षी
म्यांमार, कंबोडिया, भूटान, वियतनाम और थाइलैंड की यूरेशियन मैरून ऑरिएल ने भी दुधवा के जंगलों में अपना ठिकाना बना रखा है। ज्यादा गर्मी बर्दाश्त न कर पाने वाले इस पक्षी को दुधवा के जंगलों में राहत मिलती है। इसी तरह, साइबेरिया के ठंडे प्रदेशों से दुधवा के जंगलों में आने वाले यूरेशियन स्पैरो हॉक की संख्या भी बढ़ी है। दक्षिण भारत के कई प्रांतों के पक्षी भी यहां दिखाई दिए हैं।

फूलों की खुशबू खींच लाई ब्लैक क्रस्टेड बुलबुल को
कतर्नियाघाट फाउंडेशन के उपाध्यक्ष और वन्यजीव विशेषज्ञ सुरेश चौधरी कहते हैं, कई दशकों से गायब रही ब्लैक क्रस्टेड बुलबुल का अचानक दिखना बेहद सकारात्मक संकेत हैं। यह चिड़ियां ज्यादातर हिमालयन रेंज के जंगलों में मिलती है। खासकर उन जगहों पर जहां हर मौसम में फूलों का खिलना सामान्य हो। ऐसे में दुधवा के जंगलों में इसके वापस आने का मतलब है कि यहां पर उसके लायक माहौल बना हुआ है।

इन पक्षियों को देख सकेंगे
दुधवा में आप इंडियन पिट्टा, ब्लैक क्रस्टेड बुलबुल, ग्रे हेडेड फिश ईगल, परपल हेरन, लेसर एडजुटेंट, स्वैंप फ्रैंकोलिन, पाइड किंगफिशर, ग्रेट स्लैटी वुडपैकर, ब्लू बियर्डेड बी ईटर और कॉमन कुकू को भी देख सकेंगे।

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