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Jun 7, 2019
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शिव महिमा 12 ज्योतिर्लिंग

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शिव महिमा 12 ज्योतिर्लिंग

  1. सोमनाथ
    पुराणों के अनुसार ये पृथ्वी का पहला ज्योतिर्लिंग है, जिसकी स्थापना स्वयं चंद्र देव ने की थी, जब प्रजापति दक्ष की दो बेटियों के साथ चंद्र देव ने विवाह किया था उसके पश्चात प्रजापति दक्ष ने चंद्र देव की गलती को माफ़ न करके श्राप देदिया था, श्राप की अवधि ख़तम होने से पहले चंद्र देव ने प्रजापति की पुत्री के अनुसार बताई हुई विधि से चंद्र देव ने महादेव को प्रसन्न करके अपने श्राप से मुक्ति पाई और उनसे प्राथना करी की आप बीएस जनकल्याण के लिए यहाँ पर एक लिंग रूप में स्थापित हो, और महादेव ने चंद्र देव की प्राथना स्वीकार करके सोमनात ज्योतिर्लिंग को प्रकट किया जो वर्तमान में गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग स्थित है, और इसे स्वयं चंद्र देव ने अपने हाथो से स्थापित किया था, इस ज्योतिर्लिंग की एक विशेषता मैं आपको बताता हूँ, की विदेशी आक्रमणों के दौरान सोमनाथ ज्योतिर्लिंग 17 बार नष्ट हुआ था, लेकिन महादेव के आशीर्वाद से ये बिगड़ता और बनता रहता है
  2. मल्लिकार्जुन
    मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग श्रीशैल पर्वत जो कृष्ण नदी के तट पर स्थित है, श्रीशैल पर्वत आंध्रप्रदेश में आता है लोगो की मान्यता है की मल्लिकार्जुन और कैलाश पर्वत दोनों को सामान को समान कहा गया है धर्मशास्त्र मल्लिका अर्जुन की व्याख्या में कहते है की धार्मिक और पौराणिक महत्वताओ की व्याख्या करता है, इस ज्योतिर्लिंग की पूजा करने से व्यक्ति आपने से पापो से मुक्ति पाटा है और साथ ही अश्वमेघ यज्ञ के पूजन समान फल प्राप्त करता है

3. महाकालेश्वर
मध्यप्रदेश में स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग उज्जैनी नगरी में स्थापित किया गया है इसकी विशेषता ये है की ये ज्योतिर्लिंग दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है भक्तो का सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित करती है वो है यहाँ की भस्म आरती जो यहाँ 4 से 5 के बीच में की जाती है, यहाँ की विशेषता ये है की व्यक्ति की आयु पर आया हुआ कोई भी संकट एक पल में हट जाता है, उज्जैनी वासियो का ये मानना है, महाकालेश्वर ही उनके राजा है और वो उज्जैन की रक्षा के साथ – साथ अपने भक्तो की सभी संकट दूर करते है, और आप तो जानते ही है की इस स्थान पर महाकाल ने अपने भक्त ऋषि मार्कण्डेय की रक्षा करि थी जय श्री महाकाल |

4. ओंकारेश्वर
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग भी मध्यप्रदेश में स्थित है इंदौर के पास स्थित एक स्थान पर ये ज्योतिर्लिंग स्थापित है उस स्थान के निकट नर्मदा नदी भी बहती है,और यहाँ पर महादेव की कृपा भी देखने को मिलती है की पहाड़ो से बहती हुई नर्मदा नदी के बहने से यहाँ ॐ का आकार बनता है, और आप सभी लोग जानते है की ॐ शब्द की उत्पत्ति स्वयं ब्रम्हा के मुख से हुई थी, इसीलिए धार्मिक शास्त्र हो या वेदो का पाठ या किसी मंत्र का उच्चारण ॐ के साथ ही किया जाता है, ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग अर्थात ॐ के आकार को लिया हुआ इसके कारन इस ज्योतिर्लिंग रखा गया |

5. केदारनाथ
केदारनाथ ज्योतिर्लिंग बाबा केदारनाथ का मंदिर उत्तराखंड में स्थित है 3584 मीटर समुद्र की दूरी पर स्थित केदारनाथ ज्योतिर्लिंग स्थापित है, इस ज्योतिर्लिंग का वर्णन शिवपुराण और स्कंदपुराण में वर्णित किया गया है महादेव को केदारनह ज्योतिर्लिंग अत्यंत ही प्रिय है जिस प्रकार कैलाश पर्वत महत्वता है उसी प्रकार केदारनाथ की भी महत्वता है

6. भीमाशंकर
ये ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित है भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग सह्याद्रि नामक पर्वत पर स्थित है इस ज्योतिर्लिंग को विश्व में मोटेश्वर महादेव के नाम से ही जाना जाता है कहा जाता है की इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन वो भी सूर्योदय होने के पश्चात् जो श्रद्धालु भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करता है वो अपने पापो से मुक्ति पाने के साथ – साथ स्वर्ग जाने के रास्ते भी महादेव की कृपा से और भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से स्वर्ग जाने के मार्ग खोल लेता है |

7. काशी विश्वनाथ
विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग काशी नमक स्थान पर स्थित है, जो उत्तरप्रदेश में है इसे काशीविश्वनाथ ज्योतिर्लिंग कहते है सभी धार्मिक स्थलों में से इस धार्मिक स्थान की सबसे अधिक महत्वता रखी गई है, इसी लिए सभी धार्मिक स्थानों में महादेव को काशी नगरी अत्यकधिक प्यारी है क्योकि इस स्थान की विशेषता यह हैं की प्रलय की स्थिति प्रकट होने पर भी यह ज्योतिर्लिंग बना रहेगा कहा जाता हैं की प्रलय के समय इस स्थान को अपने त्रिशूल पर धारण करके और प्रलय के टालने के पश्चात पुनः काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग को काशी में पुनः स्थापित करदेंगे |

8. त्र्यम्ब्केश्वर
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र राज्य के नासिक जिले में गोदावरी नदी के तट पर स्थित है त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के सबसे अधिक निकट ब्रम्हगिरी नाम का पर्वत है, इस पर्वत से एक नदी का उद्गम भरता है जिसका नाम है गोदावरी नदी इस ज्योतिर्लिंग की विशेषता को ध्यान में रखते हुए भगवान् शिव का नाम त्र्यंबकेश्वर भी रखा गया, और महादेव तो वैसे भी इतने बड़े दयालू और कृपालु है की अपने भक्त गौतमऋषि और गोदावरी नदी के आग्रह पर त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग रूप में उनके साथ रहने लगे |

9. वैधनाथ
समस्त ज्योतिर्लिंगों की गणना में वैधनाथ ज्योतिर्लिंग को नवे स्थान पर रखा गया है ये स्थान झारखण्ड राज्य, जो की पहले बिहार राज्य के संधाल परगना के दुमका नामक जनपद में पड़ता है

10. नागेश्वर
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग गुजरात के बहरी क्षेत्र द्वारिका में स्थित है धर्म शास्त्रों के अनुसार कहा जाता है की भगवन शिव ही नागो के देवता है और नागेश्वर का अर्थ ये है की नागो का ईश्वर भगवन शिव के अन्य नामो में से एक ये नाम भी है जिसे नागेश्वर कहा जाता है, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की महिमा के अनुसार बताया गया है की जो व्यक्ति पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ यहाँ दर्शन करने आता है भगवान् नागेश्वर उन सभी की मनोकामनाये पूरी करते है, द्वारिकापुरी स्थान से केवल 17 मील की दूरी पर श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थित है |

11. रामेश्वरम
प्रभु श्री राम चंद्र द्वारा स्थापित रामेश्वर ज्योतिर्लिंग तमिलनाडु राज्य के रामनाथपुरम में स्थित है भगवान् महादेव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से रामेश्वर ज्योतिर्लिंग को हिन्दुओ ने चारधामों में से एक स्थान रामेश्वर ज्योतिर्लिंग को दिया है कहा जाता है की स्वयं प्रभु श्री राम चंद्र जी अपने हाथो से इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना की थी, परभु श्री राम चंद्र के हाथो से स्थापित किये जाने पर इस ज्योतिर्लिंग को भगवान् राम के नाम पर रखा गया श्री रामेश्वर ज्योतिर्लिंग |

12. धृष्णेश्वर
महाराष्ट्र के वेरुल गाव, संभाजी नगर के समीप दौलताबाद के पास स्थित है इसे धृष्णेश्वर या घुश्मेश्वर
के नाम से जाना जाता है इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने हेतु श्रद्धालु दूर दूर से आते है और आत्मिक शांति को प्राप्त करते है मात्र इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन से ही , भगवन शिव के बड़ा ज्योतिर्लिंग में धृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग को बारवे स्थान में यानी अंतिम ज्योतिर्लिंग है बौद्ध भिक्ष को द्वारा निर्मित एल्लोरा की प्रसिद्ध गुफा धृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के पास स्थित है यहाँ पर श्री एकनाथ जी गुरु व् श्री जनार्दन महाराज की समाधी भी बनी हुई है

सम्पूर्णम समाप्तम दर्शनम ज्योतिर्लिंगम जय महादेव हर हर महादेव |

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