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May 19, 2019
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हर हर महादेव .जय मणिमहेश बाबा की :- देवभूमि की अद्भुद यात्रा श्री मणिमहेश कैलाश पर्वत के राजा महादेव की अद्भुद यात्रा में हम आपका स्वागत करते है

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हर हर महादेव .जय मणिमहेश बाबा की :-
देवभूमि की अद्भुद यात्रा श्री मणिमहेश कैलाश पर्वत के राजा महादेव की अद्भुद यात्रा में हम आपका स्वागत करते है

दिल्ली से मणिमहेश :
दिल्ली से 500 किलोमीटर की दूरी पर पठानकोट, और पठानकोट से चम्बा 135 किलोमीटर और अब यहाँ से शुरू होती है मणिमहेश की यात्रा में कहा जाता है की श्रद्धालुओं की यात्रा को तब पूरा माना जाता है जब वो पहले भरमोनी माता के दर्शन करने के बाद फिर कैलाश के राजा की यात्रा आरम्भ की जाती है, और इस भरमोनी माता के मंदिर में ६४ देवी देवताओ का निवास स्थान है, और यहाँ का बाजार भी अद्भुद है, जो विशेषकर यात्रियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता रहता है , इन ६४ देवी देवताओ में सबसे अद्भुद और लोकप्रिय श्री विष्णु जी के अवतार श्री नरसिम्हा भगवन का मंदिर है

हड़सर
यहाँ से शुरुआत होती है श्री मणि महेश जी की, सबसे पहला पड़ाव जो यात्रियों के लिए हड़सर से धनछोह झरने की ओर आकर्षित करता हुआ, और प्रकृति के नज़ारो से यात्रियों के मन को मोहित करते रहता है , इस झरने का पानी इतना शीतल और इतना स्वच्छ होता है , तो इसको पीने से ही एक अजीब सी तंदरुस्ती महसूस होती है फिर यहाँ से थोड़ी सी कठिन यात्रा हमारी आरम्भ होती है पार्वती कुंड की ओर कहाजाता है की इस कुंड में पार्वती माँ इसमें अपने केश धोते थे, इस कुंड में सिर्फ स्त्रियाँ ही स्नान कर सकती है, और यहाँ से एक अद्भुद नज़ारा देखने को मिलता है श्री कैलाश पर्वत का, इस यात्रा में आपको और सहयात्री मिलेंगे जैसे की जंगली खरगोश , जंगली जीवजंतु जो आपका मनोरंजन करते हुए चलते रहेंगे , और प्रकलृति भी उसमे अपने रंग भरती रहती है, खूबसूरत वादियों के बीच कभी आपको बारिश का आनंद मिलेगा और कभी ठंडी हवाओ का और ठंडी हवाओ के साथ ही धुप का मैं भूल गया की अभी तो मणि महेश झील रह गई है, क्या कारु वह का नज़ारा ही ऐसा है की बात करते करते ही खोगया, जी हां मणिमहेश की ओर बढ़ते हुए यात्रा और कठिन होजाती है लेकिन उसके बाद जो दृश्य देखने को मिलता है मानो की आत्मा तृप्त हो जाती है कहा जाता है की यहाँ पर शिव जी की अपनी जटाओ को धोते थे और इस कुंड में स्नान करते थे, और इस कुंड में आपको बहुत से अघोरियों का जमावड़ा मिलेगा, बहुत से ढोल नगाड़े बजते रहते है, भोलेनाथ के भजन चलते रहते है, और जगह जगह पर पर लंगर चलता रहता है, और सबसे विशेष यहाँ का मणिमहेश का मंदिर है ये जो मेरा एक्सपीरियंस है मैंने आप सभी के साथ अपनी ओर से शेयर की है…मेरी ओर सबके लिए हर हर महादेव भोले नाथ सकबकी मनोकामनाएं पूरी करे..धन्यवाद

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